शनि की ढैय्या
Shani Ki Dhaiya 2026–2027: किन राशियों पर ढैय्या है और कब ख़त्म होगी
अभी (2026 में) शनि मीन राशि में हैं, इसलिए सिंह और धनु राशि पर शनि की ढैय्या चल रही है। 3 जून 2027 को शनि मेष राशि में जाएँगे, तब कन्या और मकर राशि पर ढैय्या शुरू होगी। सिंह और धनु की ढैय्या पूरी तरह 23 फ़रवरी 2028 को ख़त्म होगी।
| राशि | अभी की स्थिति | कब तक |
|---|---|---|
| मेष | साढ़ेसाती (पहला चरण) | मई 2032 |
| वृषभ | न ढैय्या, न साढ़ेसाती | |
| मिथुन | न ढैय्या, न साढ़ेसाती | |
| कर्क | न ढैय्या, न साढ़ेसाती | |
| सिंह | शनि की ढैय्या (आठवाँ भाव, अष्टम) | फ़रवरी 2028 |
| कन्या | न ढैय्या, न साढ़ेसाती | |
| तुला | न ढैय्या, न साढ़ेसाती | |
| वृश्चिक | न ढैय्या, न साढ़ेसाती | |
| धनु | शनि की ढैय्या (चौथा भाव, कंटक) | फ़रवरी 2028 |
| मकर | न ढैय्या, न साढ़ेसाती | |
| कुंभ | साढ़ेसाती (तीसरा चरण) | फ़रवरी 2028 |
| मीन | साढ़ेसाती (दूसरा चरण) | अप्रैल 2030 |
लाहिड़ी अयनांश से शनि का गोचर। शनि के वक्री होकर कुछ महीने पिछली राशि में लौटने को, पंचांगों की तरह, एक ही अवधि में गिना गया है।
शनि की ढैय्या क्या है
जब गोचर में शनि आपकी चंद्र राशि से चौथे या आठवें भाव में होते हैं, तो उस ढाई साल के समय को ढैय्या कहते हैं। चौथे भाव की ढैय्या को कंटक शनि और आठवें भाव की ढैय्या को अष्टम शनि कहा जाता है। शनि एक राशि में लगभग ढाई साल रहते हैं, इसीलिए इसका नाम ढैय्या पड़ा।
परंपरा में चौथे भाव की ढैय्या घर की शांति, माता, प्रॉपर्टी और मन पर असर डालने वाली मानी जाती है, और आठवें भाव की ढैय्या अचानक बदलाव, रुकावट और सेहत की सावधानी से जुड़ी है।
ढैय्या की तारीख़ें: 2025 से 2028
- सिंह राशि (अष्टम शनि): 29 मार्च 2025 से। 3 जून से 19 अक्टूबर 2027 तक राहत, 20 अक्टूबर 2027 से फिर, और 23 फ़रवरी 2028 को पूरी तरह समाप्त
- धनु राशि (कंटक शनि): 29 मार्च 2025 से। 3 जून से 19 अक्टूबर 2027 तक राहत, 20 अक्टूबर 2027 से फिर, और 23 फ़रवरी 2028 को पूरी तरह समाप्त
- कन्या राशि (अष्टम शनि): 3 जून 2027 से शुरू, 20 अक्टूबर 2027 को अस्थायी विराम, 23 फ़रवरी 2028 से फिर लगातार
- मकर राशि (कंटक शनि): 3 जून 2027 से शुरू, 20 अक्टूबर 2027 को अस्थायी विराम, 23 फ़रवरी 2028 से फिर लगातार
ढैय्या और साढ़ेसाती में फ़र्क़
साढ़ेसाती तब होती है जब शनि चंद्र राशि से बारहवें, पहले और दूसरे भाव में होते हैं (कुल लगभग साढ़े सात साल)। ढैय्या चौथे या आठवें भाव में शनि के ढाई साल का समय है। अभी (2026 में) कुंभ, मीन और मेष राशि पर साढ़ेसाती और सिंह व धनु पर ढैय्या चल रही है।
ढैय्या के सरल उपाय
- शनिवार को हनुमान चालीसा या सुंदरकांड का पाठ
- 'ॐ शं शनैश्चराय नमः' का 108 बार जाप
- शनिवार को पीपल के नीचे सरसों के तेल का दीपक
- श्रमिकों, बुज़ुर्गों और ज़रूरतमंदों की सेवा; ईमानदारी और अनुशासन शनि का सबसे बड़ा उपाय माना जाता है
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
अभी किन राशियों पर शनि की ढैय्या चल रही है?
2026 में शनि मीन राशि में हैं, इसलिए सिंह राशि (अष्टम शनि) और धनु राशि (कंटक शनि) पर ढैय्या चल रही है।
सिंह और धनु राशि की ढैय्या कब ख़त्म होगी?
3 जून 2027 को शनि मेष में जाएँगे तब राहत मिलेगी, पर 20 अक्टूबर 2027 को शनि के वक्री होकर मीन में लौटने से ढैय्या फिर चलेगी। पूरी तरह ढैय्या 23 फ़रवरी 2028 को ख़त्म होगी।
2027 में किन राशियों पर ढैय्या शुरू होगी?
3 जून 2027 से कन्या (अष्टम शनि) और मकर (कंटक शनि) राशि पर ढैय्या शुरू होगी। 23 फ़रवरी 2028 से यह लगातार चलेगी।
क्या ढैय्या हमेशा बुरी होती है?
नहीं। अगर आपकी कुंडली में शनि शुभ हो या शनि की अच्छी दशा चल रही हो, तो ढैय्या में भी मेहनत का अच्छा फल मिल सकता है। पूरी कुंडली देखकर ही असर का अंदाज़ा लगाएँ।
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अपनी कुंडली पर अंकित दुबे जी से सीधी बात
अंकित दुबे जी कानपुर के वैदिक ज्योतिषी हैं: ICAS से ज्योतिष प्रवीण और ज्योतिष विशारद, आठ वर्षों से अधिक का अनुभव और 5,500 से अधिक परामर्श। उनका तरीका सरल है: कुंडली को डर या जल्दबाज़ी से नहीं, समझ के साथ देखना।
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