शनि की साढ़ेसाती · Makar Rashi

मकर राशि पर साढ़ेसाती कब से कब तक

अभी मकर राशि पर न साढ़ेसाती है, न ढैय्या। अगली साढ़ेसाती दिसंबर 2046 से फ़रवरी 2055 तक मानी जाती है।

मकर राशि पर साढ़ेसाती की अवधियाँ
अवधिस्थिति
जनवरी 2017 – मार्च 2025बीत चुकी
दिसंबर 2046 – फ़रवरी 2055आने वाली
जनवरी 2076 –आने वाली
मकर राशि पर शनि की ढैय्या
अवधिभाव
2000 से पहले – जून 2000चौथा भाव (कंटक)
नवंबर 2006 – सितंबर 2009आठवाँ भाव (अष्टम)
जून 2027 – अप्रैल 2030चौथा भाव (कंटक)
अगस्त 2036 – जुलाई 2039आठवाँ भाव (अष्टम)
अप्रैल 2057 – मई 2059चौथा भाव (कंटक)
अक्टूबर 2065 – अगस्त 2068आठवाँ भाव (अष्टम)

लाहिड़ी अयनांश से गणना, वर्ष 2000 से। शनि वक्री होकर कुछ महीने पिछली राशि में लौटें, तो पंचांगों की तरह उसे एक ही अवधि में गिना गया है।

मकर राशि पर साढ़ेसाती के तीन चरण

  • पहला चरण: शनि धनु राशि में; खर्च, भागदौड़ और नई ज़िम्मेदारियों की शुरुआत का समय माना जाता है।
  • दूसरा चरण: शनि मकर राशि पर ही; मन, सेहत और मेहनत पर सबसे अधिक ध्यान देने का समय माना जाता है।
  • तीसरा चरण: शनि कुंभ राशि में; परिवार और धन की ज़िम्मेदारियों का, और धीरे-धीरे स्थिरता लौटने का समय माना जाता है।

साढ़ेसाती का असली असर आपकी कुंडली में शनि की स्थिति और चल रही महादशा से तय होता है। निःशुल्क कुंडली में दोनों साथ देखें, या आज का मकर राशिफल पढ़ें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

मकर राशि पर साढ़ेसाती कब खत्म होगी?

अभी साढ़ेसाती नहीं चल रही। अगली साढ़ेसाती दिसंबर 2046 से फ़रवरी 2055 तक मानी जाती है।

मकर राशि पर साढ़ेसाती कब शुरू होती है?

जब शनि धनु राशि (मकर से बारहवीं) में आते हैं, तब मकर पर साढ़ेसाती शुरू होती है, और जब शनि कुंभ राशि (दूसरी) से निकल जाते हैं, तब यह खत्म होती है।

साढ़ेसाती में क्या करें?

परंपरा में शनिवार को शनि देव या हनुमान जी की पूजा, हनुमान चालीसा का पाठ, ज़रूरतमंदों और मज़दूरों की मदद, और ईमानदार मेहनत को सबसे अच्छा उपाय माना जाता है। दिनचर्या और सेहत पर ध्यान रखें। कोई भी रत्न या बड़ा उपाय पूरी कुंडली देखकर ही करें।

क्या साढ़ेसाती हमेशा बुरी होती है?

नहीं। साढ़ेसाती को मेहनत, धैर्य और ज़िम्मेदारी का समय माना जाता है, और कई लोगों के जीवन में इसी दौरान स्थायी उपलब्धियाँ भी आती हैं। असर इस पर निर्भर करता है कि कुंडली में शनि कहाँ हैं और कौन सी दशा चल रही है।

साढ़ेसाती नाम की राशि से देखें या चंद्र राशि से?

साढ़ेसाती हमेशा जन्म की चंद्र राशि से देखी जाती है। नाम वाली राशि अलग हो सकती है; अपनी चंद्र राशि निःशुल्क कुंडली से जानें।

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