शनि की साढ़ेसाती · Kumbh Rashi
कुंभ राशि पर साढ़ेसाती कब से कब तक
अभी कुंभ राशि पर शनि की साढ़ेसाती का तीसरा चरण चल रहा है। यह जनवरी 2020 से फ़रवरी 2028 तक मानी जाती है।
| अवधि | स्थिति |
|---|---|
| जनवरी 2020 – फ़रवरी 2028 | अभी चल रही है |
| मार्च 2049 – अप्रैल 2057 | आने वाली |
| जनवरी 2079 – | आने वाली |
| अवधि | भाव |
|---|---|
| जून 2000 – अप्रैल 2003 | चौथा भाव (कंटक) |
| सितंबर 2009 – अगस्त 2012 | आठवाँ भाव (अष्टम) |
| अगस्त 2029 – मई 2032 | चौथा भाव (कंटक) |
| अक्टूबर 2038 – सितंबर 2041 | आठवाँ भाव (अष्टम) |
| मई 2059 – मार्च 2062 | चौथा भाव (कंटक) |
| अगस्त 2068 – नवंबर 2070 | आठवाँ भाव (अष्टम) |
लाहिड़ी अयनांश से गणना, वर्ष 2000 से। शनि वक्री होकर कुछ महीने पिछली राशि में लौटें, तो पंचांगों की तरह उसे एक ही अवधि में गिना गया है।
कुंभ राशि पर साढ़ेसाती के तीन चरण
- पहला चरण: शनि मकर राशि में; खर्च, भागदौड़ और नई ज़िम्मेदारियों की शुरुआत का समय माना जाता है।
- दूसरा चरण: शनि कुंभ राशि पर ही; मन, सेहत और मेहनत पर सबसे अधिक ध्यान देने का समय माना जाता है।
- तीसरा चरण: शनि मीन राशि में; परिवार और धन की ज़िम्मेदारियों का, और धीरे-धीरे स्थिरता लौटने का समय माना जाता है।
साढ़ेसाती का असली असर आपकी कुंडली में शनि की स्थिति और चल रही महादशा से तय होता है। निःशुल्क कुंडली में दोनों साथ देखें, या आज का कुंभ राशिफल पढ़ें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
कुंभ राशि पर साढ़ेसाती कब खत्म होगी?
वर्तमान साढ़ेसाती फ़रवरी 2028 के आसपास खत्म मानी जाती है।
कुंभ राशि पर साढ़ेसाती कब शुरू होती है?
जब शनि मकर राशि (कुंभ से बारहवीं) में आते हैं, तब कुंभ पर साढ़ेसाती शुरू होती है, और जब शनि मीन राशि (दूसरी) से निकल जाते हैं, तब यह खत्म होती है।
साढ़ेसाती में क्या करें?
परंपरा में शनिवार को शनि देव या हनुमान जी की पूजा, हनुमान चालीसा का पाठ, ज़रूरतमंदों और मज़दूरों की मदद, और ईमानदार मेहनत को सबसे अच्छा उपाय माना जाता है। दिनचर्या और सेहत पर ध्यान रखें। कोई भी रत्न या बड़ा उपाय पूरी कुंडली देखकर ही करें।
क्या साढ़ेसाती हमेशा बुरी होती है?
नहीं। साढ़ेसाती को मेहनत, धैर्य और ज़िम्मेदारी का समय माना जाता है, और कई लोगों के जीवन में इसी दौरान स्थायी उपलब्धियाँ भी आती हैं। असर इस पर निर्भर करता है कि कुंडली में शनि कहाँ हैं और कौन सी दशा चल रही है।
साढ़ेसाती नाम की राशि से देखें या चंद्र राशि से?
साढ़ेसाती हमेशा जन्म की चंद्र राशि से देखी जाती है। नाम वाली राशि अलग हो सकती है; अपनी चंद्र राशि निःशुल्क कुंडली से जानें।
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