शनि की साढ़ेसाती · Tula Rashi
तुला राशि पर साढ़ेसाती कब से कब तक
अभी तुला राशि पर न साढ़ेसाती है, न ढैय्या। अगली साढ़ेसाती अक्टूबर 2038 से दिसंबर 2046 तक मानी जाती है।
| अवधि | स्थिति |
|---|---|
| सितंबर 2009 – अक्टूबर 2017 | बीत चुकी |
| अक्टूबर 2038 – दिसंबर 2046 | आने वाली |
| अगस्त 2068 – अक्टूबर 2076 | आने वाली |
| अवधि | भाव |
|---|---|
| जून 2000 – अप्रैल 2003 | आठवाँ भाव (अष्टम) |
| जनवरी 2020 – जनवरी 2023 | चौथा भाव (कंटक) |
| अगस्त 2029 – मई 2032 | आठवाँ भाव (अष्टम) |
| मार्च 2049 – फ़रवरी 2052 | चौथा भाव (कंटक) |
| मई 2059 – मार्च 2062 | आठवाँ भाव (अष्टम) |
| जनवरी 2079 – | चौथा भाव (कंटक) |
लाहिड़ी अयनांश से गणना, वर्ष 2000 से। शनि वक्री होकर कुछ महीने पिछली राशि में लौटें, तो पंचांगों की तरह उसे एक ही अवधि में गिना गया है।
तुला राशि पर साढ़ेसाती के तीन चरण
- पहला चरण: शनि कन्या राशि में; खर्च, भागदौड़ और नई ज़िम्मेदारियों की शुरुआत का समय माना जाता है।
- दूसरा चरण: शनि तुला राशि पर ही; मन, सेहत और मेहनत पर सबसे अधिक ध्यान देने का समय माना जाता है।
- तीसरा चरण: शनि वृश्चिक राशि में; परिवार और धन की ज़िम्मेदारियों का, और धीरे-धीरे स्थिरता लौटने का समय माना जाता है।
साढ़ेसाती का असली असर आपकी कुंडली में शनि की स्थिति और चल रही महादशा से तय होता है। निःशुल्क कुंडली में दोनों साथ देखें, या आज का तुला राशिफल पढ़ें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
तुला राशि पर साढ़ेसाती कब खत्म होगी?
अभी साढ़ेसाती नहीं चल रही। अगली साढ़ेसाती अक्टूबर 2038 से दिसंबर 2046 तक मानी जाती है।
तुला राशि पर साढ़ेसाती कब शुरू होती है?
जब शनि कन्या राशि (तुला से बारहवीं) में आते हैं, तब तुला पर साढ़ेसाती शुरू होती है, और जब शनि वृश्चिक राशि (दूसरी) से निकल जाते हैं, तब यह खत्म होती है।
साढ़ेसाती में क्या करें?
परंपरा में शनिवार को शनि देव या हनुमान जी की पूजा, हनुमान चालीसा का पाठ, ज़रूरतमंदों और मज़दूरों की मदद, और ईमानदार मेहनत को सबसे अच्छा उपाय माना जाता है। दिनचर्या और सेहत पर ध्यान रखें। कोई भी रत्न या बड़ा उपाय पूरी कुंडली देखकर ही करें।
क्या साढ़ेसाती हमेशा बुरी होती है?
नहीं। साढ़ेसाती को मेहनत, धैर्य और ज़िम्मेदारी का समय माना जाता है, और कई लोगों के जीवन में इसी दौरान स्थायी उपलब्धियाँ भी आती हैं। असर इस पर निर्भर करता है कि कुंडली में शनि कहाँ हैं और कौन सी दशा चल रही है।
साढ़ेसाती नाम की राशि से देखें या चंद्र राशि से?
साढ़ेसाती हमेशा जन्म की चंद्र राशि से देखी जाती है। नाम वाली राशि अलग हो सकती है; अपनी चंद्र राशि निःशुल्क कुंडली से जानें।
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