निःशुल्क मांगलिक दोष जाँच
Mangal Dosh Calculator: कुंडली में मांगलिक दोष है या नहीं, मुफ़्त जाँचें
जन्म तिथि, समय और स्थान डालिए। कैलकुलेटर आपकी कुंडली में मंगल का भाव लग्न और चंद्रमा, दोनों से देखकर बताता है कि मांगलिक दोष है या नहीं, कितना प्रबल है, और क्या कोई ऐसी स्थिति है जिसमें दोष शांत (भंग) माना जाता है।
मांगलिक दोष क्या होता है
जब जन्म कुंडली में मंगल पहले, दूसरे, चौथे, सातवें, आठवें या बारहवें भाव में हो, तो उसे मांगलिक दोष या मंगल दोष कहा जाता है। ऐसे व्यक्ति को 'मांगलिक' कहते हैं। परंपरा में माना जाता है कि इन भावों का मंगल वैवाहिक जीवन में तालमेल, धैर्य और घरेलू शांति को प्रभावित कर सकता है।
उत्तर भारत में आम तौर पर 1, 4, 7, 8 और 12वाँ भाव देखा जाता है, जबकि दक्षिण भारत की परंपरा में दूसरा भाव भी जोड़ा जाता है। हमारा कैलकुलेटर दोनों बताता है, ताकि आपको पूरी तस्वीर मिले।
मांगलिक दोष कैसे जाँचा जाता है
मंगल का भाव तीन जगह से देखा जाता है: लग्न से, चंद्रमा (राशि) से और कई परंपराओं में शुक्र से। अगर तीनों से दोष बने तो उसे प्रबल माना जाता है, किसी एक से बने तो हल्का (आंशिक)।
- लग्न से मंगल 1, 2, 4, 7, 8 या 12वें भाव में: मुख्य मांगलिक दोष
- चंद्र राशि से मंगल इन्हीं भावों में: चंद्र मांगलिक
- दोनों से दोष: प्रबल मांगलिक, एक से: आंशिक मांगलिक
मांगलिक दोष कब शांत (भंग) माना जाता है
शास्त्रों में कई स्थितियाँ बताई गई हैं जिनमें मंगल दोष का असर कम या ख़त्म माना जाता है। कैलकुलेटर इनमें से मुख्य स्थितियाँ अपने आप जाँचता है:
- मंगल अपनी राशि (मेष, वृश्चिक) या उच्च राशि (मकर) में हो
- मंगल पर गुरु की दृष्टि हो या गुरु साथ बैठा हो
- दोनों जीवनसाथी मांगलिक हों: तब दोष एक-दूसरे को संतुलित करता माना जाता है
- कुछ भावों में विशेष राशियाँ, जैसे सातवें भाव में मंगल कर्क या मकर राशि में
मांगलिक दोष से डरें नहीं
भारत में बहुत बड़ी संख्या में लोगों की कुंडली में किसी न किसी रूप में मंगल दोष बनता है, और इनमें से ज़्यादातर का वैवाहिक जीवन अच्छा चलता है। सिर्फ़ 'मांगलिक' शब्द से रिश्ता न तोड़ें। सही फ़ैसले के लिए दोनों की पूरी कुंडली, सप्तम भाव, शुक्र और चल रही दशा साथ में देखनी चाहिए।
विवाह तय कर रहे हैं तो हमारे कुंडली मिलान टूल में दोनों का 36 गुण मिलान और मंगल की स्थिति एक साथ देखें।
मांगलिक दोष के प्रचलित उपाय
- मंगलवार को हनुमान चालीसा या सुंदरकांड का पाठ
- 'ॐ अं अंगारकाय नमः' मंत्र का 108 बार जाप
- मंगलवार को मसूर की दाल या लाल वस्त्र का दान
- विवाह से पहले कुंडली मिलान और योग्य ज्योतिषी से सलाह; महँगी पूजा या रत्न बिना पूरी कुंडली देखे न करवाएँ
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
मांगलिक दोष कैसे पता करें?
अपनी जन्म तिथि, जन्म समय और जन्म स्थान ऊपर दिए कैलकुलेटर में डालें। यह लग्न और चंद्र कुंडली से मंगल का भाव देखकर बताता है कि मांगलिक दोष है या नहीं और कितना प्रबल है।
मांगलिक दोष किन भावों में होता है?
मंगल जब लग्न या चंद्रमा से 1, 2, 4, 7, 8 या 12वें भाव में हो तो मांगलिक दोष माना जाता है। उत्तर भारत में आमतौर पर दूसरा भाव नहीं गिना जाता।
क्या मांगलिक की शादी गैर-मांगलिक से हो सकती है?
हाँ, कई स्थितियों में दोष भंग हो जाता है, जैसे मंगल अपनी या उच्च राशि में हो या उस पर गुरु की दृष्टि हो। फ़ैसला सिर्फ़ 'मांगलिक' शब्द से नहीं, दोनों की पूरी कुंडली देखकर करना चाहिए।
क्या 28 साल के बाद मांगलिक दोष ख़त्म हो जाता है?
यह एक प्रचलित मान्यता है, पर शास्त्रों में इसका कोई पक्का आधार नहीं मिलता। दोष का असर उम्र से नहीं, कुंडली की बाकी स्थितियों से तय होता है।
मांगलिक दोष का सबसे आसान उपाय क्या है?
मंगलवार को हनुमान चालीसा का पाठ और 'ॐ अं अंगारकाय नमः' का जाप सबसे सरल और प्रचलित उपाय हैं। विवाह से पहले कुंडली मिलान ज़रूर करवाएँ।
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अपनी कुंडली पर अंकित दुबे जी से सीधी बात
अंकित दुबे जी कानपुर के वैदिक ज्योतिषी हैं: ICAS से ज्योतिष प्रवीण और ज्योतिष विशारद, आठ वर्षों से अधिक का अनुभव और 5,500 से अधिक परामर्श। उनका तरीका सरल है: कुंडली को डर या जल्दबाज़ी से नहीं, समझ के साथ देखना।
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