विंशोत्तरी दशा

अभी कौन सी दशा चल रही है, और आगे कौन सी?

Mahadasha Calculator: आपकी महादशा, अंतर्दशा और अगला बदलाव

जन्म के समय चंद्रमा के नक्षत्र से पूरी उम्र की दशाएँ निकलती हैं। जन्म जानकारी भरें: चल रही महादशा और अंतर्दशा, अगला दशा परिवर्तन और पूरा दशा क्रम, महीने तक।

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विंशोत्तरी दशा क्या है

विंशोत्तरी दशा १२० वर्षों का एक समय-चक्र है, जिसमें नौ ग्रह बारी-बारी से “दशा” चलाते हैं। जन्म के समय चंद्रमा जिस नक्षत्र में होता है, उसी नक्षत्र के स्वामी की दशा से जीवन शुरू होता है; नक्षत्र का जितना हिस्सा चंद्रमा पार कर चुका होता है, उतनी दशा जन्म से पहले ही बीत चुकी मानी जाती है।

हर महादशा के भीतर नौ अंतर्दशाएँ होती हैं, जो उसी ग्रह से शुरू होकर इसी क्रम में चलती हैं। अंतर्दशा की लंबाई = महादशा के वर्ष × अंतर्दशा ग्रह के वर्ष ÷ १२०। जैसे शुक्र की महादशा (२० वर्ष) में सूर्य की अंतर्दशा २० × ६ ÷ १२० = १ वर्ष की होती है।

नौ महादशाएँ: क्रम, अवधि और पारंपरिक विषय

ग्रहवर्षकिन नक्षत्रों सेपारंपरिक विषय
केतु७अश्विनी, मघा, मूलआत्मचिंतन, अलगाव, आध्यात्मिकता और पुराने अध्यायों का समापन
शुक्र२०भरणी, पूर्वा फाल्गुनी, पूर्वाषाढ़ासुख-सुविधा, संबंध, विवाह और कला
सूर्य६कृत्तिका, उत्तरा फाल्गुनी, उत्तराषाढ़ापद, प्रतिष्ठा, पिता और आत्मविश्वास
चंद्रमा१०रोहिणी, हस्त, श्रवणमन, भावनाएँ, माता और जनसंपर्क
मंगल७मृगशिरा, चित्रा, धनिष्ठासाहस, ऊर्जा, भूमि-संपत्ति और प्रतिस्पर्धा
राहु१८आर्द्रा, स्वाति, शतभिषामहत्वाकांक्षा, अचानक बदलाव, विदेश और नए प्रयोग
गुरु१६पुनर्वसु, विशाखा, पूर्वा भाद्रपदज्ञान, विस्तार, संतान और मार्गदर्शन
शनि१९पुष्य, अनुराधा, उत्तरा भाद्रपदमेहनत, अनुशासन, ज़िम्मेदारी और धीमी पर स्थायी प्रगति
बुध१७आश्लेषा, ज्येष्ठा, रेवतीबुद्धि, व्यापार, संवाद और शिक्षा

जन्म समय क्यों मायने रखता है

चंद्रमा लगभग एक दिन में एक नक्षत्र पार करता है, इसलिए दशा की तारीखें जन्म समय पर निर्भर करती हैं। जन्म समय अनुमानित हो तो यहाँ दशा दिखती है, पर तारीखें कुछ महीने आगे-पीछे हो सकती हैं; जन्म समय मालूम न हो तो दशा नहीं दी जाती।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

मेरी कौन सी महादशा चल रही है, कैसे जानें?

ऊपर जन्म तिथि, समय और स्थान भरें और समय वाला सवाल चुनें। परिणाम में चल रही महादशा और अंतर्दशा, उनके खत्म होने का महीना, अगला दशा परिवर्तन और पूरा दशा क्रम दिखता है।

कौन सी महादशा अच्छी होती है?

कोई भी दशा अपने-आप अच्छी या बुरी नहीं होती। उसका असर इस पर निर्भर करता है कि दशा का स्वामी ग्रह आपकी कुंडली में कहाँ बैठा है और किन भावों का स्वामी है। इसीलिए यहाँ परिणाम में दशा स्वामी की स्थिति भी बताई जाती है।

क्या शनि या राहु की महादशा से डरना चाहिए?

नहीं। शनि की दशा मेहनत, अनुशासन और धीमी पर स्थायी प्रगति से जुड़ी मानी जाती है, और राहु की दशा महत्वाकांक्षा और नए प्रयोगों से। दशा समय का स्वभाव बताती है; उसे समझकर तैयारी करना डरने से कहीं अधिक उपयोगी है।

दशा और साढ़ेसाती में क्या अंतर है?

दशा आपके जन्म के चंद्र नक्षत्र से निकला व्यक्तिगत समय-चक्र है। साढ़ेसाती शनि का गोचर है, जो आपकी चंद्र राशि से देखा जाता है। दोनों अलग हैं, और दोनों को साथ देखकर ही समय की पूरी तस्वीर बनती है।

दशा की तारीखें अलग-अलग जगह थोड़ी अलग क्यों दिखती हैं?

दशा जन्म के समय चंद्रमा की सटीक स्थिति से निकलती है, इसलिए जन्म समय के कुछ मिनट भी तारीखें आगे-पीछे कर देते हैं। अलग-अलग सॉफ़्टवेयर वर्ष की लंबाई और अयनांश भी थोड़ा अलग लेते हैं। इसलिए यहाँ तारीखें महीने तक दी जाती हैं।

समय के साथ गोचर भी

दशा के साथ शनि का गोचर भी देखा जाता है: आपकी राशि पर साढ़ेसाती कब से कब तक है, यहाँ देखें। अपना जन्म नक्षत्र भी जानें, जिससे दशा शुरू होती है।

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अंकित दुबे जी के बारे में

अंकित दुबे जी कानपुर के वैदिक ज्योतिषी हैं, आठ वर्षों से अधिक के अनुभव और ५,५०० से अधिक परामर्शों के साथ। उनका तरीका सरल है: कुंडली को डर या जल्दबाज़ी से नहीं, समझ के साथ देखना। उनके बारे में और पढ़ें।