27 नक्षत्र · Chitra Nakshatra · 14वाँ नक्षत्र
चित्रा नक्षत्र: स्वामी, देवता, गण, नाम अक्षर और स्वभाव
सृजन, सुंदरता और कारीगरी का नक्षत्र; इसके जातक आकर्षक, कलात्मक और कुछ अलग बनाने वाले माने जाते हैं।
चित्रा नक्षत्र और कुंडली मिलान
कुंडली मिलान के 36 गुणों में तारा, योनि, गण और नाड़ी (21 अंक) जन्म नक्षत्र से गिने जाते हैं। चित्रा वालों की नाड़ी मध्य है; साथी की नाड़ी भी यही हो तो नाड़ी कूट में अंक नहीं मिलते, हालाँकि इसके परंपरागत अपवाद भी हैं। निःशुल्क कुंडली मिलान करें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
चित्रा नक्षत्र का स्वामी कौन है?
चित्रा नक्षत्र के स्वामी मंगल हैं। इस नक्षत्र में जन्म हो तो विंशोत्तरी दशा मंगल की महादशा से शुरू होती है (कुल 7 वर्ष, जिसमें से बची अवधि जन्म के अंश से तय होती है)।
चित्रा नक्षत्र में जन्मे बच्चे का नाम किस अक्षर से रखें?
परंपरा में चित्रा के चार चरणों के अक्षर चरण 1: पे, चरण 2: पो, चरण 3: रा, चरण 4: री हैं। जन्म के समय चंद्रमा जिस चरण में हो, उसका अक्षर शुभ माना जाता है।
चित्रा नक्षत्र का गण और नाड़ी क्या है?
चित्रा का गण राक्षस, नाड़ी मध्य और योनि व्याघ्र है। कुंडली मिलान में गण, नाड़ी और योनि कूट इन्हीं से गिने जाते हैं।
मेरा जन्म नक्षत्र कौन सा है, कैसे पता करें?
जन्म तिथि, समय और स्थान से जन्म के समय चंद्रमा का नक्षत्र निकलता है। नक्षत्र कैलकुलेटर या निःशुल्क कुंडली में जानकारी भरकर तुरंत जानें।
अपनी कुंडली पर अंकित दुबे जी से सीधी बात
अंकित दुबे जी कानपुर के वैदिक ज्योतिषी हैं: ICAS से ज्योतिष प्रवीण और ज्योतिष विशारद, आठ वर्षों से अधिक का अनुभव और 5,500 से अधिक परामर्श। उनका तरीका सरल है: कुंडली को डर या जल्दबाज़ी से नहीं, समझ के साथ देखना।
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