27 नक्षत्र · Shatabhisha Nakshatra · 24वाँ नक्षत्र
शतभिषा नक्षत्र: स्वामी, देवता, गण, नाम अक्षर और स्वभाव
उपचार और रहस्य का नक्षत्र; इसके जातक स्वतंत्र, वैज्ञानिक सोच वाले और एकांत-प्रिय माने जाते हैं।
| स्वामी ग्रह (दशा) | राहु — जन्म के समय पहली महादशा राहु की, कुल 18 वर्ष |
|---|---|
| देवता | वरुण |
| प्रतीक | खाली गोला |
| गण | राक्षस |
| नाड़ी | आदि |
| योनि | अश्व |
| राशि में स्थान | कुंभ 6°40′–20° |
| राशि (चरण) | कुंभ (1, 2, 3, 4) |
| नाम के अक्षर (चरण 1–4) | गो, सा, सी, सू |
शतभिषा नक्षत्र और कुंडली मिलान
कुंडली मिलान के 36 गुणों में तारा, योनि, गण और नाड़ी (21 अंक) जन्म नक्षत्र से गिने जाते हैं। शतभिषा वालों की नाड़ी आदि है; साथी की नाड़ी भी यही हो तो नाड़ी कूट में अंक नहीं मिलते, हालाँकि इसके परंपरागत अपवाद भी हैं। निःशुल्क कुंडली मिलान करें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
शतभिषा नक्षत्र का स्वामी कौन है?
शतभिषा नक्षत्र के स्वामी राहु हैं। इस नक्षत्र में जन्म हो तो विंशोत्तरी दशा राहु की महादशा से शुरू होती है (कुल 18 वर्ष, जिसमें से बची अवधि जन्म के अंश से तय होती है)।
शतभिषा नक्षत्र में जन्मे बच्चे का नाम किस अक्षर से रखें?
परंपरा में शतभिषा के चार चरणों के अक्षर चरण 1: गो, चरण 2: सा, चरण 3: सी, चरण 4: सू हैं। जन्म के समय चंद्रमा जिस चरण में हो, उसका अक्षर शुभ माना जाता है।
शतभिषा नक्षत्र का गण और नाड़ी क्या है?
शतभिषा का गण राक्षस, नाड़ी आदि और योनि अश्व है। कुंडली मिलान में गण, नाड़ी और योनि कूट इन्हीं से गिने जाते हैं।
मेरा जन्म नक्षत्र कौन सा है, कैसे पता करें?
जन्म तिथि, समय और स्थान से जन्म के समय चंद्रमा का नक्षत्र निकलता है। नक्षत्र कैलकुलेटर या निःशुल्क कुंडली में जानकारी भरकर तुरंत जानें।
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