12 राशियाँ · Tula Rashi
तुला राशि: स्वभाव, स्वामी, शुभ रंग, अंक और नाम अक्षर
तुला राशि के लोग संतुलित, न्यायप्रिय और सौंदर्य पसंद करने वाले माने जाते हैं। ये रिश्तों और साझेदारी को बहुत महत्व देते हैं।
| स्वामी ग्रह | शुक्र |
|---|---|
| तत्व | वायु |
| स्वभाव (गुण) | चर |
| प्रकृति | पुरुष (विषम) |
| दिशा | पश्चिम |
| चिह्न | तराज़ू |
| शुभ रंग | सफ़ेद, हल्का गुलाबी |
| शुभ अंक | 6 |
| शुभ दिन | शुक्रवार |
| रत्न (परंपरागत) | हीरा या ओपल |
| आराध्य | माँ लक्ष्मी |
| शरीर का भाग | कमर और गुर्दे |
| नाम के अक्षर | रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते |
| नक्षत्र (चरण) | चित्रा (3–4), स्वाति (1–4), विशाखा (1–3) |
तुला राशि की खूबियाँ
संतुलन, कूटनीति, शिष्टाचार, कला की समझ, साझेदारी निभाना।
किन बातों का ध्यान रखें
फ़ैसले टालना, सबको खुश रखने की कोशिश और टकराव से बचना, इन पर ध्यान देना उपयोगी माना जाता है।
तुला राशि और करियर
परंपरा में तुला राशि के लिए अनुकूल माने जाने वाले क्षेत्र: कानून, न्याय, डिज़ाइन, फ़ैशन, कला, जनसंपर्क, परामर्श और साझेदारी वाला व्यवसाय।
असली करियर दिशा कुंडली का दसवाँ भाव, उसका स्वामी और चल रही दशा बताते हैं। अपनी करियर कुंडली देखें।
तुला राशि और प्रेम-विवाह
रोमांटिक और साथ निभाने वाले; रिश्ते में बराबरी और सौहार्द चाहते हैं।
तुला राशि का दूसरी राशियों से मेल:
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
तुला राशि का स्वामी कौन है?
तुला राशि के स्वामी शुक्र हैं। इसका तत्व वायु है और यह चर राशि है।
तुला राशि के नाम किन अक्षरों से शुरू होते हैं?
परंपरा में तुला राशि के नामाक्षर रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते हैं। ये अक्षर जन्म के समय चंद्रमा के नक्षत्र-चरण से तय होते हैं: चित्रा (3–4), स्वाति (1–4), विशाखा (1–3)।
तुला राशि का शुभ रंग और शुभ अंक क्या है?
परंपरा में तुला राशि का शुभ रंग सफ़ेद, हल्का गुलाबी और शुभ अंक 6 माना जाता है। शुभ दिन शुक्रवार है।
क्या तुला राशि वालों को हीरा या ओपल पहनना चाहिए?
रत्न केवल राशि देखकर नहीं पहनना चाहिए। परंपरा में रत्न पूरी कुंडली में उस ग्रह की स्थिति, भाव और चल रही दशा देखकर ही सुझाया जाता है। गलत रत्न लाभ की जगह परेशानी दे सकता है, इसलिए पहले कुंडली दिखाएँ।
राशि नाम से देखें या जन्म की चंद्र राशि से?
वैदिक ज्योतिष में राशि का अर्थ जन्म के समय चंद्रमा की राशि है। नाम के पहले अक्षर वाली राशि कई बार इससे अलग होती है। अपनी सही राशि जानने के लिए निःशुल्क कुंडली में जन्म तिथि, समय और स्थान भरें।
अपनी कुंडली पर अंकित दुबे जी से सीधी बात
अंकित दुबे जी कानपुर के वैदिक ज्योतिषी हैं: ICAS से ज्योतिष प्रवीण और ज्योतिष विशारद, आठ वर्षों से अधिक का अनुभव और 5,500 से अधिक परामर्श। उनका तरीका सरल है: कुंडली को डर या जल्दबाज़ी से नहीं, समझ के साथ देखना।
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