27 नक्षत्र · Ashlesha Nakshatra · 9वाँ नक्षत्र
आश्लेषा नक्षत्र: स्वामी, देवता, गण, नाम अक्षर और स्वभाव
गहरी समझ और रहस्य का नक्षत्र; इसके जातक चतुर, अंतर्दृष्टि वाले और बात की तह तक जाने वाले माने जाते हैं।
| स्वामी ग्रह (दशा) | बुध — जन्म के समय पहली महादशा बुध की, कुल 17 वर्ष |
|---|---|
| देवता | सर्प (नाग) |
| प्रतीक | कुंडली मारे सर्प |
| गण | राक्षस |
| नाड़ी | अंत्य |
| योनि | मार्जार |
| राशि में स्थान | कर्क 16°40′–30° |
| राशि (चरण) | कर्क (1, 2, 3, 4) |
| नाम के अक्षर (चरण 1–4) | डी, डू, डे, डो |
आश्लेषा नक्षत्र और कुंडली मिलान
कुंडली मिलान के 36 गुणों में तारा, योनि, गण और नाड़ी (21 अंक) जन्म नक्षत्र से गिने जाते हैं। आश्लेषा वालों की नाड़ी अंत्य है; साथी की नाड़ी भी यही हो तो नाड़ी कूट में अंक नहीं मिलते, हालाँकि इसके परंपरागत अपवाद भी हैं। निःशुल्क कुंडली मिलान करें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
आश्लेषा नक्षत्र का स्वामी कौन है?
आश्लेषा नक्षत्र के स्वामी बुध हैं। इस नक्षत्र में जन्म हो तो विंशोत्तरी दशा बुध की महादशा से शुरू होती है (कुल 17 वर्ष, जिसमें से बची अवधि जन्म के अंश से तय होती है)।
आश्लेषा नक्षत्र में जन्मे बच्चे का नाम किस अक्षर से रखें?
परंपरा में आश्लेषा के चार चरणों के अक्षर चरण 1: डी, चरण 2: डू, चरण 3: डे, चरण 4: डो हैं। जन्म के समय चंद्रमा जिस चरण में हो, उसका अक्षर शुभ माना जाता है।
आश्लेषा नक्षत्र का गण और नाड़ी क्या है?
आश्लेषा का गण राक्षस, नाड़ी अंत्य और योनि मार्जार है। कुंडली मिलान में गण, नाड़ी और योनि कूट इन्हीं से गिने जाते हैं।
मेरा जन्म नक्षत्र कौन सा है, कैसे पता करें?
जन्म तिथि, समय और स्थान से जन्म के समय चंद्रमा का नक्षत्र निकलता है। नक्षत्र कैलकुलेटर या निःशुल्क कुंडली में जानकारी भरकर तुरंत जानें।
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