12 राशियाँ · Vrishchik Rashi

वृश्चिक राशि: स्वभाव, स्वामी, शुभ रंग, अंक और नाम अक्षर

वृश्चिक राशि के लोग गहरे, दृढ़ निश्चयी और भावनाओं में तीव्र माने जाते हैं। ये रहस्य समझने और किसी भी बात की जड़ तक जाने वाले होते हैं।

वृश्चिक राशि एक नज़र में
स्वामी ग्रहमंगल
तत्वजल
स्वभाव (गुण)स्थिर
प्रकृतिस्त्री (सम)
दिशाउत्तर
चिह्नबिच्छू
शुभ रंगलाल, मैरून
शुभ अंक9
शुभ दिनमंगलवार
रत्न (परंपरागत)मूँगा
आराध्यहनुमान जी
शरीर का भागगुप्त अंग
नाम के अक्षरतो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू
नक्षत्र (चरण)विशाखा (4), अनुराधा (1–4), ज्येष्ठा (1–4)

वृश्चिक राशि की खूबियाँ

दृढ़ता, गहराई, साहस, शोध की क्षमता, संकट में मज़बूत रहना।

किन बातों का ध्यान रखें

शक, बदले की भावना और बातें मन में दबाकर रखना, इन पर ध्यान देना उपयोगी माना जाता है।

वृश्चिक राशि और करियर

परंपरा में वृश्चिक राशि के लिए अनुकूल माने जाने वाले क्षेत्र: शोध, जासूसी, चिकित्सा, सर्जरी, बीमा, खनन, मनोविज्ञान और ज्योतिष।

असली करियर दिशा कुंडली का दसवाँ भाव, उसका स्वामी और चल रही दशा बताते हैं। अपनी करियर कुंडली देखें।

वृश्चिक राशि और प्रेम-विवाह

पूरी गहराई से जुड़ने वाले और वफ़ादार; भरोसा टूटना इन्हें सबसे ज़्यादा आहत करता है।

वृश्चिक राशि का दूसरी राशियों से मेल:

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

वृश्चिक राशि का स्वामी कौन है?

वृश्चिक राशि के स्वामी मंगल हैं। इसका तत्व जल है और यह स्थिर राशि है।

वृश्चिक राशि के नाम किन अक्षरों से शुरू होते हैं?

परंपरा में वृश्चिक राशि के नामाक्षर तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू हैं। ये अक्षर जन्म के समय चंद्रमा के नक्षत्र-चरण से तय होते हैं: विशाखा (4), अनुराधा (1–4), ज्येष्ठा (1–4)।

वृश्चिक राशि का शुभ रंग और शुभ अंक क्या है?

परंपरा में वृश्चिक राशि का शुभ रंग लाल, मैरून और शुभ अंक 9 माना जाता है। शुभ दिन मंगलवार है।

क्या वृश्चिक राशि वालों को मूँगा पहनना चाहिए?

रत्न केवल राशि देखकर नहीं पहनना चाहिए। परंपरा में रत्न पूरी कुंडली में उस ग्रह की स्थिति, भाव और चल रही दशा देखकर ही सुझाया जाता है। गलत रत्न लाभ की जगह परेशानी दे सकता है, इसलिए पहले कुंडली दिखाएँ।

राशि नाम से देखें या जन्म की चंद्र राशि से?

वैदिक ज्योतिष में राशि का अर्थ जन्म के समय चंद्रमा की राशि है। नाम के पहले अक्षर वाली राशि कई बार इससे अलग होती है। अपनी सही राशि जानने के लिए निःशुल्क कुंडली में जन्म तिथि, समय और स्थान भरें।

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अंकित दुबे जी कानपुर के वैदिक ज्योतिषी हैं: ICAS से ज्योतिष प्रवीण और ज्योतिष विशारद, आठ वर्षों से अधिक का अनुभव और 5,500 से अधिक परामर्श। उनका तरीका सरल है: कुंडली को डर या जल्दबाज़ी से नहीं, समझ के साथ देखना।

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